Sunday, 22 April 2012

वो सांवरा सा साया -----

वो  सांवरा सा  साया ----





4 comments:

  1. न जाने क्यूं अपना ही वज़ूद ----------
    -----------एक पल मे अनचाहा लगने लगता है ---बगैर उसके
    दिव्यजी यही तो सच्चे प्रेम की परिभाषा है ..!!!!!

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    1. सरस ---बहुत बहुत धन्यवाद ----

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  2. बहुत सुंदर..........
    कोई तो है जो सातों दरवाज़े पार कर लेता है............
    वरना जीवन निरर्थक ना लगे????

    अनु

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    1. शुक्रिया अनु जी ---

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