Wednesday, 16 May 2012

सुनो !! जोगी तुम आओगे न


सुनो !! जोगी तुम आओगे न 

===========================

रात भी चैन से सो गई -------
------और मै अधजगी अलसाई सी
मेरी आँखों मे ------नींद तिल मात्र भी नहीं
-------बस एक छबि घूम रही है
मेरे जोगी की -----------
-------जो सदा से अवचेतन मन मे है
मेरा जोगी!-सांवला सा ---- अधखुली सी आँखे-----
-------जिन में कभी प्रेम कभी वैराग्य
वो आयेगा अवश्य ---------
----चाहे जीवन के अंतिम पहर में ही
मेरा हाथ थाम ले जायेगा ------
----मुझे जाना ही है उसके साथ
---उस अद्भुत अलौकिक जगह
जन्मों से प्रतीक्षा है मुझे
---जन्मों तक रहेगी -----
मेरा जोगी जिसे कभी देखा नहीं
------तुम्हारे जैसा ही है न
कुछ कुछ ऐसी है --------
------तुम्हारी भी छबी मेरे मन में
तुम्हें भी तो कभी देखा नहीं ----------
------तुम्हारे साथ गुज़रा वो वक्त
वो पल हैं जिन्हें -----------
---------मन की अटारी पर
तुम्हारी यादों मे लपेट के----------
-------सहेज के रख दिया है
वो पल तो तुम दे ही गये हो -----------
---------साथ ही वो कुछ गीत भी
जो तुम्हें भी पसंद हैं ----------------
---------मै उन पलों को पास बिठा कर
जब सारे गीत सुनती हूँ न----------------
--------उन पलों मे साथ ही पाती हूँ तुम्हें
मुझे याद है तुमने कहा था -------------
--------उपरवाले ने सब के लिये
वक्त बाँट रखा है -------------
-------बस एक प्रश्न का जवाब दोगे ?
फिर कभी कुछ नहीं पूछेंगे-----------
---कहीं वो जोगी तुम ही तो नहीं ------
जो अवचेतन मन में सदा से है -----
-----अच्छा ये बताओ ------
-------------आओगे न मुझे लेने
याद रखना मेरे जोगी ------------
-----तुम्हारी प्रतीक्षा रहेगी--------
अंतिम पल तक मुझे --------------

=========दिव्या =================