Tuesday, 22 May 2012

मै तुम्हे याद नहीं करती


मै तुम्हें याद नहीं करती 

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मौन स्तब्ध अवाक् रात्री
कुछ शब्द कुछ स्मृतियां
मद्धम स्वरों में गूंजती हैं
मन आकुल व्याकुल हो
चीख उठता है -----
नहीं याद करुँगी अब मै
पर क्या करूँ ------
पहली झपकी कच्ची नींद की
और स्वप्न मे तुम
तुम्हारे वक्ष पर मेरा सिर
मेरी प्रिय सुरक्षित जगह
क्या करूँ अब ???
मै तुम्हें याद नहीं करती लेकिन
मेरे पास जो भी सुखद स्मृतियाँ हैं
वो सब तुम्हारी यादों से ही तो जुडी हैं न 

==========दिव्या ========



2 comments:

  1. bus kuch aise pal he meri zindagi may de gaye wo iss kadar... k bhool kar bhi bhool na paaon unn smriti chinnh ko.... Amazing Divya ji... ur fabulous.... :)

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