Saturday, 25 August 2012

आखँन की पुतरी अहयं हमार बिटियन


आंखन की पुतरी हैं हमार बिटिया
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आज फिर हुई झमाझम बरसात
देर तक रिमझिम रिमझिम भी
अभी भी टिप टिप हो रही हैं ----
पेड़ पौधे कितने खुश लग रहे हैं
घर के सामने बैठा शेरू भी पूंछ हिला हिला कर
अपनी ख़ुशी मुझ पर जाहिर कर गया ---
गो वंश के प्रतिनिधि नंदी महाराज भी
प्रसन्न दिख रहे है अपनी भावभंगिमा से
मेरा मन कर रहा है यूँ ही बरसती रहो
बरखा रानी ---फिर अचानक ध्यान आया
अरे रेल की पटरी के किनारे बनी
उन झुग्गी बस्ती में क्या गत होगी ---
उनकी छत से जो टिप टिप टपकती होगी
पारबती --और त्रिभुवन की ---
पाई पाई जोड़ी गृहस्थी का क्या होगा
किसी के घर से लाया पुराना टीवी - -तीन टांग के स्टूल पर सजा है ----
अँधेरा होते ही कटिया फसा कर चलाता है
शन्नो , मुन्नी ,सोना का बापू ---
अँधेरे मे बिजली वाले पकड़ने नहीं आते न
ठेला खींच कर थका हारा त्रिभुवन घर आता
पांच छह घरों से बासन चौका कर पारबती भी
अन्हियार होत होत लौट आती --
छोड़ दिया कई घर ---का करे मन हमेसा
डरा रहत है --तीन बिटिया जवन घरे पर अहें
आग लगे ई ज़माने को --आदमी पिशाच होई गए
आज उ बड़े बंगले वाली भाभी जी समझा रही रहिन
पारबती अपनी बेटियों का धयान रखा करो --अकेले न छोड़ना
जोर से हंस दी थी वह अरे भाभी अबय बहुत छोट है
खेलय कूदेय के इहे त उमिर --फिर त हमरी तरह
नोन तेल म खटीहयं ---आज जवन कछु बताईन
सन्न रहि गई वह सुन कर ---नन्ही बच्ची को
मार के फेंक दिहिन बेईज्जती कीन ऊ अलग
राक्षस हुई गय का लोग -----
तीनो बिटिया सोई गई त देर रात तक
करवट बदलत रही ------अचानक आँख खुल गई
बगल में थक कर सोये पति की --पूछ बैठा
का रे काहे उलटत पलटत है ?---कवन चिंता है ?
उठ के बैठ गई परबतिया ---पति को देखती रही
बोली --सन्नो के बाबू का गलती किये हम
बिटियन का जनम दई के --जवन सुना आज
करेजा कांपी गय ----ऊ दिन याद करा जब
ई तीनो जनमी तुम हम कितने खुस रहिन
बेटवा चाहि त रहा एक पारिवार पूरा हुई जात
मुला तीन देबी जनमी माता रानी का परसाद माने इनका
और सर माथे पर लिहिन ---का गलती किहिन
नहीं ऐसा काहे कहत है रे ---हमार बिटियन का
कुछु न होई ---ढाढस तो बंधा गया
पर नींद गाएब हो गई ----चिंता में
रात भर करवट बदलता रहा --बोलता रहा
हम अपनी बिटियन को खूब पढ़ाएंगे
आखन की पुतरी की नाय संभारेंगे
रहि बात और लोगन की त
हे परमेस्वर इन सब का सद्बुद्धि देव---
---------------दिव्या -----------------------------