Thursday, 8 November 2012

क्या कहूँ बस यूँ ही :)


क्या कहूँ बस यूँ ही :)
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कल की बात है ----रात लगभग ग्यारह बजे थे
की अचानक काल बेल बजी ----------
कोई गाडी गेट पर रुकी किसी को आना न था --
इस वक्त कौन ? दरवाज़ा खोला तो वो खड़ा था
मुस्कराता हुआ ---बोला काफी पियूँगा --
दो काफी के लिए बोल मै अपने बेडरूम में आ गई
उसने चेंज भी नहीं किया बस जूते उतार कर मेरे पास ही बैठ गया
अपनी काफी सिप करते हु
ए लैपटॉप पर लगा रहा
बीच बीच में मुझसे बात भी हो रही थी ----
अचानक मुझे मौन देख बोला क्या हुआ क्या सोच रही हो
मैने कहा आजकल मै बहुत तनाव में हूँ --
तीन टेंशन है आजकल मुझे ----
वो बोला क्या हुआ बोलो न क्या टेंशन है ?
थोड़ी देर सोच कर मैने कहा --सुनो शादी कर लो न --
वो मुस्करा कर बोला तुम तनाव में बहुत सुंदर लगती हो
बस तनाव में रहो -- :) वक्त इतनी जल्दी गुज़रा की
पता ही न चला - अचानक घड़ी देखी साढ़े तीन बजे थे
बोला ओह फ्लाईट का टाइम हो गया चार बजे की है
गाडी लगाने को बोल ---- मेरे पास आया चलता हूँ
जोर से HUG किया और कहा तीन तनाव थे न बाकी के दो
अगली बार के लिए -- :) फिर बोला तुम्हारा वेट कम हुआ है
तुम सुंदर लग रही हो -- माँ --- मुझे पता है वो बहला गया मुझे
ये बेटे ऐसे ही होते है ------- :)
--------------------------------दिव्या --------------------------------