Saturday, 17 May 2014

प्रतीक्षा --

प्रतीक्षा

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धुंधली दृष्टि धनुही सी कमर

संकरी तंग गलियों में रोज

ढूंढती फिरती है अपनी ही

आयु का खोया दस्तावेज़

कोसती है मृत्यु को

सब ने बिसारा पर

वो काहे उसे बिसर गई

-----दिव्या शुक्ला !!

17-5-2014

चित्र गूगल से